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Happy New Year 2017 to all


सभी देशवासियों एवं समाजबंधुओं को नववर्ष 2017 की हार्दिक शुभकामनाएं !
भगवान महेशजी-माँ भवानी वर्ष 2017 में भी आपको उत्तम स्वास्थ्य, सफलता तथा सुख समृद्धि प्रदान करें. Happy New Year 2017 to all.

First adorable of Maheshwaris


हार्दिक मंगलकामनाएं !
भगवान महेशजी एवं जगतजननी आदिशक्ति माँ भवानी आपकी सभी मनोकामनाये पूर्ण करें, अपनी कृपा आप सभी पर सदैव बनाये रखें ।

जय भवानी, जय महेश !

Jai Mata Di


Wish You All A Happy Navaratri.
सभी समाजबंधुओं एवं देशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक मंगलकामनाएं... जगतजननी आदिशक्ति माँ भवानी आपकी सभी मनोकामनाये पूर्ण करें। मातारानी अपनी कृपा आप सभी पर सदैव बनाये रखें । 
l l जय माता दी l l

Mahesh Navami


महेश नवमी

मान्यता एवं माहेश्वरी उत्पत्ति कथा के अनुसार, 'महेश नवमी' माहेश्वरी समाज का वंशोत्पत्ति दिवस (स्थापना दिन) है l मान्यता है कि युधिष्ठिर संवत 9, जेष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन भगवान महेश और माता पार्वती की कृपा (वरदान) से पावन भूमि भारत के राजस्थान प्रान्त में माहेश्वरी समाज की वंशोत्पत्ति हुई l तभी से माहेश्वरी समाज में 'जेष्ठ शुक्ल नवमी' का दिन 'माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिन' के रुपमें बहुत ही भव्य रूप में और बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है। माहेश्वरी समाज में 'महेश नवमी' को एक प्रमुख उत्सव पर्व के रूप में मनाया जाता है l यह पर्व मुख्य रूप से भगवान महेश (महादेव) और माता पार्वती की आराधना को समर्पित है।

Happy Mother's Day


Parashuram Jayanti



भगवान परशुराम जयंती के पावन पर्व के अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई...
शुभकामनाएं !!!
जय परशुराम !

Trishul




त्रिशूल प्राचीन भारतीय अस्त्र है। इस अस्त्र का नाम कई देवी-देवताओं के साथ जोड़ा जाता है। महाभारत के युद्ध में भी त्रिशूल का प्रयोग बहुत किया है। त्रिशूल का नाम मुख्य रूप से भगवान महेश (शिव) और देवी दुर्गा के साथ जोड़ा जाता है। यह एक परंपरागत भारतीय हथियार है। त्रिशूल की एक विशेष बात यह है की एक हथियार होते हुए भी इसका एक हिन्दु धार्मिक चिन्ह की तरह भी प्रयोग होता है। यह भगवान महेशजी के हाथ में शोभा पाता है। त्रिशूल के तीन सिरों के कई अर्थ लगाए जाते हैं- यह त्रिगुण मई सृष्टि का परिचायक है। तीन गुण 'सत्व', 'रज' तथा 'तम' का यह परिचायक है। यह त्रिदेव (भगवान महेश, गणेश और आदिशक्ति देवी पार्वती) का परिचायक है। त्रिशूल देवी दुर्गा के हाथों में भी शोभा पाता है। विशेषकर उनके महिषासुर मर्दिनी रूप में।

Trishul


Trishul represents the three aspects of consciousness – waking, dreaming and sleeping, and it represents the three gunas – satva, rajas and tamas. Holding a trishul (Trident) signifies that Shiva (the divinity) is above all the three states – waking, dreaming and sleeping, yet is the upholder of these three states.
The divinity is beyond the three gunas, but it holds the three gunas together.


Shul means problems or suffering. Trishul means that which destroys all kind of suffering.
Three types of pain that arise in life:
1. Aadibhautik (physical)
2. Aadhyaatmik (spiritual) and
3. Aadidaivik (ethereal)
What relieves you from all the problems and suffering is the trishul. And it is in the hand of Shiva.

Maheshwari boy


Maheshwari food Dal Bati


Jay Mahesh



जय महेश !